Sunday, December 16, 2018

कोशिश है मेरी.......


कोशिश है मेरी.......



कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा इश्क करूँ
मरते हो जैसे तुम मुझपे वैसा ही मैं तुमपे मरूँ।

ये जहाँ भर की कसमें,
ये दुनियाभर की रस्में,
इनसे फिजूल ही मैं क्यों डरूँ?
कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा ही इश्क़ करूँ।

तुमको पाने की ख़्वाहिशें,
फिर तुमपे लूट जाने की नवाजिशें,
ये दरख्वास्त भी मैं क्यों भरूँ ?
कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा ही इश्क़ करूँ।

लूट जाऊँ तुमपे,
मर जाऊँ तुमपे,
इस जहाँ से फिर मैं क्या डरूँ ?
कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा ही इश्क़ करूँ।

तुम्हें चाहूँ तो जी जाऊँ,
तुम्हें जी लूँ फिर मार जाऊँ,
सांसों में हवाएँ मैं बस तब तक भरूँ।
कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा ही इश्क़ करूँ।

कोशिश है मेरी,तुमसे,तुमसा ही इश्क़ करूँ।
मरते हो जैसे तुम मुझपे वैसा ही मैं तुमपे मरूँ।

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