Sunday, April 22, 2018

अब बस यूँही

अब बस यूँही
तुझे याद करने लगता हूँ,
जैसे,तू इम्तिहान हो मेरा
और हर सवाल में जिक्र हो तेरा....

अब बस यूँही
तुझे याद करने लगता हूँ,
जैसे,तू इत्मीनान हो मेरा
और हर हाल में जिक्र हो तेरा......

अब बस यूँही
तुझे याद करने लगता हूँ,
जैसे,तू भगवान हो मेरा
और हर काल में जिक्र हो तेरा......

अब बस यूँही
तुझे याद करने लगता हूँ,
जैसे,तू सब कुछ हो मेरा
और हर चाल में हर ढाल में,
शांत या बवाल में
बस जिक्र हो तेरा।

अब बस यूँही
तुझे याद करने लगता हूँ।

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