ईद
कैसे कहें,
कैसे ये ईद मनाएंगे?
चलो,
थोड़ा तुम रस्में निभाओ
थोड़े हम रिवाज़ निभाएंगे।
तुम हर एक रोज़ा रखना
हम पानी तक पास न लाएंगे।
चलो,
तुम ईदी ले मिलने आना
हम गले लगा मिल जाएंगे।
तुम सेवईं का मीठा चखना
हम उगता चाँद देख आएंगे।
चलो,
तुम इफ़्तार सब के लिए रखना
हम सब को बुला कर लाएंगे।
धर्मों की कट्टरता से नहीं
पर्वों को पवित्रता से सजाएंगे।
चलो,
कुछ तुम भी तो बोलो
फिर कुछ हम बतलाएंगे।
तुम नए कपड़े सी लाना
हम इत्र लगा महकाएंगे।
कुछ ऐसे,
ये ईद मनाएंगे।
चलो,
करो अब तैयारियां
हम भी हाथ बटाएंगे।