Thursday, November 08, 2018

दीपावली २०१८

दीपावली_२०१८


कुछ हाथ थे जो पटाखों से भरे थे,
और फिर कुछ .......
जो दिये बेचते हुए भी अंधेरों में घिरे थे।

कुछ हाथ थे जो मिठाइयों से भरे थे,
और फिर कुछ .......
एक वक्त की रोटी को मरे थे।

कुछ हाथ थे जो देवों के आगे जुड़े थे,
और फिर कुछ .......
कुछ मिल जाए की उम्मीद में मुड़े थे।

कुछ हाथ थे जो उजाले को उजाला कर रहे थे,
और फिर कुछ .......
अमावस की रात में भी अंधेरे में पल रहे थे।

कुछ हाथ थे जो दीवाली मना रहे थे,
और फिर कुछ .......
अपने में ही अपने सपने बना रहे थे।