Friday, August 10, 2018

वो एक ख्वाब है आता......

बारिश की पहली फुहारों सा,
इश्क के नए खुमारों सा,
सुबह के पहले ख्याल को लाता,
शब के आख़िरी तमस तक जाता,
आँख लगते ही
वो एक ख्वाब है आता

सदियों के मेरे जिक्र सा,
हर मौसम एक फिक्र सा,
जीने का जो एक सलीका लाता,
जिंदगी में फिर रस भर आता,
आँख लगते ही
वो एक ख्वाब है आता


वसंत की हरियाली सा,
मैदानों में फैली खुशहाली सा,
हर दिल में घर कर जाता,
जीने में फिर पर लाता,
आँख लगते ही
वो एक ख्वाब है आता


पल हर पल कुछ अपना सा,
तेरी आँख का इक सपना सा,
हर दम मुझको भा जाता,
तुझ तक मुझको जो लाता,
आँख लगते ही
वो एक ख्वाब है आता


सर्दी की लंबी रातों सा,
कभी न मिटती यादों सा,
यादों का एक संसार सजाता,
तुझसे मेरा प्रेम बताता,
आँख लगते ही
वो एक ख्वाब है आता