कभी नन्हे थे वो बीज,
आज उनपे फसल का जोर है।
कभी मूक थे वो बीज,
आज उनपे जमाने का शोर है।
हवाओं की बयार इस गली,उस गली,
हवाओं का रुख न जाने किस ओर है?
कभी नन्हे थे वो बीज,
आज उनपे फसल का जोर है।
कभी एक एक कर लगाया था उन्हें,
आज उनपे मिट्टी का जोर है।
कभी शान्त भाव से जगाया था जिन्हें
आज उनपे बंधी ना कोई डोर है।
हरियाली की झलक इस गली,उस गली
हरियाली की चमक हर ओर है।
कभी नन्हे थे वो बीज,
आज उनपे फसल का जोर है।
आज उनपे फसल का जोर है।
कभी मूक थे वो बीज,
आज उनपे जमाने का शोर है।
हवाओं की बयार इस गली,उस गली,
हवाओं का रुख न जाने किस ओर है?
कभी नन्हे थे वो बीज,
आज उनपे फसल का जोर है।
कभी एक एक कर लगाया था उन्हें,
आज उनपे मिट्टी का जोर है।
कभी शान्त भाव से जगाया था जिन्हें
आज उनपे बंधी ना कोई डोर है।
हरियाली की झलक इस गली,उस गली
हरियाली की चमक हर ओर है।
कभी नन्हे थे वो बीज,
आज उनपे फसल का जोर है।