कुछ बातें ......
छू जाती हैं दिल को बस यूँही।
कुछ बातें.......
कुछ कह जाती हैं दिल को बस यूँही।
रह भी जाती हैं कुछ बातें बस यूँही।
सह भी जाती हैं कुछ बातें बस यूँही।
यूँही फिर एक ख्याल बनता है।
कुछ एहसासों के साथ सनता है।
मिलता है कुछ अल्फ़ाज़ों का साथ यूँही....
फिर नज्म,रुबाई,कविता का त्योहार मनता है।
झलकियाँ कुछ उसी त्योहार की,
शब्दों से जुड़े मेरे कुछ प्यार की।